भारतीय भाषा परिषद

कला-संस्कृति एवं साहित्य की राष्ट्रीय संस्था

देश के अग्रणी साहित्यिक-
सांस्कृतिक संस्था

देश के अग्रणी साहित्यिक- सांस्कृतिक संस्था

भारतीय भाषाओं की साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के उद्देश्य से 1975 में कोलकाता में भारतीय भाषा परिषद की स्थापना की गई थी। यह 1979 में अपनी इमारत 36ए, शेक्सपियर सारणी, कोलकाता 700017 में स्थानांतरित हो गया। इसके प्रमुख संस्थापक सीताराम सेकसरिया और भागीरथ कनोडिया थे। इस गैर-सरकारी संस्था ने अपनी स्थापना के बाद से ही राष्ट्रीय अखंडता, बहुलवादी संस्कृति और सभी भाषाओं के साहित्य में रचनात्मकता को बढ़ावा देना अपना मुख्य लक्ष्य रखा है। आज भारतीय भाषा परिषद देश की अग्रणी साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था के रूप में जानी जाती है।

कार्यक्रम

Document

August 1, 2026

भारतीय भाषा परिषद में प्रेमचंद जयंती का आयोजन

1 अगस्त 2026 को भारतीय भाषा परिषद और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा प्रेमचंद जयंती के अवसर पर ‘प्रेमचंद और उनके सपनों का भारत’ विषय पर साहित्य संवाद, श्रुति नाटक और प्रेमचंद ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर की कुछ तस्वीरें और अखबारों की खबरें।

July 18, 2026

भारतीय भाषा परिषद पुस्तकालय में प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला

भारतीय भाषा परिषद के पुस्तकालय में 18 जुलाई 2026 को प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला के अंतर्गत ‘आचार्य रामचंद्रशुक्ल के साहित्येतिहास का महत्व’ विषय पर वेदरमण ने व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि पश्चिम के चिंतन ने मनुष्य को केंद्र में रखा, लेकिन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने प्रकृति, पशु-पक्षी, पेड़-पर्यावरण को भी समान महत्व दिया। […]

July 12, 2026

भारतीय भाषा परिषद में काव्य प्रतियोगिता

भारतीय भाषा परिषद और ख्याल के संयुक्त तत्वावधान में परिषद सभाकक्ष में 12 जुलाई 2026 को काव्य प्रतियागिता का आयोजन किया। यह प्रतियोगिता 50 से ऊपर की उम्र वालों के लिए थी। लगभग 35 कवियों और कवयित्रियों ने अपनी कविता पढ़ी। स्त्री वर्ग में रेखा ड्रोलिया और पुरुष वर्ग में रमाकांत सिन्हा ने प्रथम स्थान […]

August 1, 2026

भारतीय भाषा परिषद में प्रेमचंद जयंती का आयोजन

1 अगस्त 2026 को भारतीय भाषा परिषद और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन द्वारा प्रेमचंद जयंती के अवसर पर ‘प्रेमचंद और उनके सपनों का भारत’ विषय पर साहित्य संवाद, श्रुति नाटक और प्रेमचंद ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर की कुछ तस्वीरें और अखबारों की खबरें।

July 18, 2026

भारतीय भाषा परिषद पुस्तकालय में प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला

भारतीय भाषा परिषद के पुस्तकालय में 18 जुलाई 2026 को प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला के अंतर्गत ‘आचार्य रामचंद्रशुक्ल के साहित्येतिहास का महत्व’ विषय पर वेदरमण ने व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि पश्चिम के चिंतन ने मनुष्य को केंद्र में रखा, लेकिन आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने प्रकृति, पशु-पक्षी, पेड़-पर्यावरण को भी समान महत्व दिया। […]

July 12, 2026

भारतीय भाषा परिषद में काव्य प्रतियोगिता

भारतीय भाषा परिषद और ख्याल के संयुक्त तत्वावधान में परिषद सभाकक्ष में 12 जुलाई 2026 को काव्य प्रतियागिता का आयोजन किया। यह प्रतियोगिता 50 से ऊपर की उम्र वालों के लिए थी। लगभग 35 कवियों और कवयित्रियों ने अपनी कविता पढ़ी। स्त्री वर्ग में रेखा ड्रोलिया और पुरुष वर्ग में रमाकांत सिन्हा ने प्रथम स्थान […]

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भारत भाषाओं का संगम -
भारतीय भाषा परिषद संगम की एक लहर

भारत के महान कवि एवं साहित्यकारों का भारतीय भाषा परिषद का नमन

वेद व्यास
(लगभग 1500-1000 ईसा पूर्व)

महाभारत और पुराणों के लेखक

वाल्मीकि
(लगभग 500 ई.पू.)

रामायण के रचयिता, प्रथम कवि (आदि कवि) माने जाते हैं।

कालिदास
(चौथी-पांचवीं शताब्दी ई.)

मेघदूत, अभिज्ञान शकुंतला और रघुवंश के लिए जाना जाता है

रवीन्द्रनाथ टैगोर
(1861–1941)

नोबेल पुरस्कार विजेता, गीतांजलि के लेखक

भारत भाषाओं का संगम -
भारतीय भाषा परिषद संगम की एक लहर

भारत के महान कवि एवं साहित्यकारों का भारतीय भाषा परिषद का नमन

संस्कृत उदय

हमारी तस्वीरें

भारतीय भाषा परिषद के कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें

वागर्थ के बारे में

भारतीय भाषा परिषद द्वारा 1995 से नियमित रूप से प्रकाशित मासिक साहित्यिक पत्रिका ‘वागर्थ’ हिंदी की गिनीचुनी सर्वश्रेष्ठ पत्रिकाओं में एक है। इसने पिछले लगभग 30 सालों में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाई है और आज पाठकों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय है। यह आज देश के प्रमुख नगरों में ही नहीं, बल्कि सुदूर कस्बों, गांवों और विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में पहुंच कर जिस तरह से अपनी लोकप्रियता प्रमाणित कर रही है, उससे लगता है कि युवाओं-विद्यार्थियों ही नहीं आम जन जीवन में अब भी भावनाओं और विचारों का महत्व है। ‘वागर्थ’ भूमंडलीकरण और तीव्र भौतिक विकास के दौर में साहित्य और मानवीय संवेदना का सांस्कृतिक प्रहरी है।

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भारतीय भाषा परिषद पिछले 50 वर्ष से  भारतीय कलाओं, भाषाओं , साहित्य और संस्कृति से संबंधित कार्यों मे विस्तार का प्रयत्न कर रही है । हमारे अपने आर्थिक संसाधन सीमित हैं। आपसे अनुरोध है कि अपनी ओर से जो अर्थ सहयोग संभव है, प्रदान कर इस जीवंत परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग दें।

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मीडिया कवरेज

भारतीय भाषा परिषद धन्यवाद देती है उन तमाम अखबारों को जिन्होंने परिषद के कार्यक्रम को अपने अखबारों में जगह दी। प्रस्तुत है अखबारों में छपी कुछ प्रमुख काय्रकम की खबरें।

18 जुलाई 2026

भारतीय भाषा परिषद पुस्तकालय में प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला

18 जुलाई 2026 को भारतीय भाषा परिषद के पुस्तकालय में आचार्य रामचंद्र शुक्ल के महान ग्रंथ ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ पर प्रथम साहित्य व्याख्यानमाला का उद्घाटन भाषण प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रो. वेदरमण ने दिया। इस कार्यक्रम की खबर कई अखबारों में आई-

12 जुलाई 2026

12 जुलाई 2026 को भारतीय भाषा परिषद में हुए काव्य प्रतियोगिता की खबरें अखबारों में-

कोलकाता, 13 जुलाई। भारतीय भाषा परिषद सभागार में वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित भारत के नंबर-1 ऐप ख्याल द्वारा परिषद के सहयोग से एक अनूठी काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

4 जुलाई 2026

भारतीय भाषा परिषद में 4 जुलाई 2026 को काव्य लहरी-3 (तीसरी लहर) का आयोजन किया गया। इस आयोजन की खबर कई अखबारों ने प्रकाशित की। धन्यवाद ‘छपते-छपते’, ‘समज्ञा’ और ‘विश्वमित्र’।

भारतीय भाषा परिषद के सभाकक्ष में विगत शनिवार को अत्यंत लोकप्रिय साहित्यिक श्रृंखला ‘काव्य लहरी-3’ (तीसरी लहर) का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया.

27 जून 2026

भारतीय भाषा परिषद में नागार्जुन जयंती के अवसर पर कवि पर्व का आयोजन
इस कार्यक्रम की अखबारों में आई खबरें

कोलकाता, 27 जून। आज भारतीय पुनर्निर्माण मिशन द्वारा नागार्जुन जयंती के अवसर पर साहित्य संवाद का
आयोजन किया गया। भाषा परिषद और सांस्कृतिक

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